25 मई को ग्रहों के युवराज बुध ग्रह अपनी वृष राशि से मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे, जो 2 अगस्त तक इसी राशि में स्थित रहेंगे. बुध ग्रह को बुद्धि, विवेक, तर्क, संवाद एवं चातुर्यता का कारक माना जाता है. बुध के इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर इस प्रकार ...
पति की लंबी आयु के लिए महिलाएं वट सावित्री व्रत रखती हैं. यह व्रत ज्येष्ठ मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है. इस बार यह 22 मई को है. हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या को शनि जयंती भी मनाई जाती है. मान्यता है कि इस दिन उपवास और पूजा करन ...
न्याय के देवता शनिदेव 11 मई को मार्गी से वक्री हो गए हैं. शनिदेव के वक्री होने से कई राशियों के लिए अच्छा तो कई राशियों के लिए नकारात्मक परिवर्तन हो सकता है. अगर आपकी शनि की साढ़े साती या ढैया चल रही है तो आपको शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए उनकी उपास ...
मई महीने में तीन ग्रह वक्री हो रहे हैं, जिनमें बृहस्पति, शनि और शुक्र हैं. न्याय के देवता शनिदेव 11 मई , सोमवार से अगले 142 दिनों के लिए मार्गी से वक्री हो गए हैं. जब किसी ग्रह की चाल उल्टी होती है तो उसे वक्री कहा जाता है. शनि अपनी ही राशि मकर में व ...
मई महीने में तीन ग्रह वक्री हो रहे हैं, जिनमें बृहस्पति, शनि और शुक्र हैं। 13 मई बुधवार को नवग्रहों में छठा ग्रह शुक्र दिन में 12 बजकर 12 मिनट पर अपनी चाल बदलकर वृष राशि में वक्री यानी उलटी चाल चलेंगे। शुक्र इस राशि में 25 जून दिन गुरुवार तक रहेंगे। ...
न्याय के देवता शनिदेव 11 मई को मार्गी से वक्री हो गए हैं. शनिदेव के वक्री होने से कई राशियों के लिए अच्छा तो कई राशियों के लिए नकारात्मक परिवर्तन हो सकता है। अगर आपकी शनि की साढ़े साती या ढैया चल रही है तो आपको शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए उनकी उपास ...
शनि 11 मई , सोमवार से अगले 142 दिनों के लिए मार्गी से वक्री हो गए हैं. जब किसी ग्रह की चाल उल्टी होती है तो उसे वक्री कहा जाता है. शनि अपनी ही राशि मकर में वक्री हो गए हैं. वक्री होने के बाद शनि देव 29 सितंबर तक इसी अवस्था में रहने वाले हैं. शनि की च ...
ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को अपरा एकादशी और अचला एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस बार अपरा एकादशी का व्रत 18 मई को है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अपरा एकादशी अपार पुण्य फल प्रदान करने वाली पावन तिथि है। इस तिथि के दिन व्रत करने से व्यक्ति ...